गुलाब- गुलाब के फूल को प्रेम का प्रतीक माना जाता है। ये दिखने में खूबसूरत और महकने मेंं बहुत मोहक होेते हैं। गुलाब की तासीर ठंडी होती है। इसी वजह से गर्मी के मौसम में इसका प्रयोग शरबत बनाने के रूप में किया जाता है। गुलाब के तेल को सिर में लगाया जाए तो सिर ठंडा रहता है। गुलाब जल को औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है। इससे आंख धोने से आंखों में आई सूजन कम हो जाती है इसके अलावा आंखों की लाली भी खत्म हो जाती है।

चम्पा- चम्पा के फूल मे भी प्राकृतिक औषधिय गुण पाए जाते हैं। चम्पा फूल को पीसकर घाव में लगाने से घाव जल्दी ठीक होता है। अगर आपको कोई घाव की समस्या हो तो ताजा चम्पा के फूल को पीसकर लगा लें,घाव ठीक होने में बहुत आराम मिलेगा।

गेंदा- इस फूल की सुंगध बहुत ही तेज होती है। इसका प्रयोग मच्छरों को भगाने के लिए भी किया जाता है। इसे अक्सर घरों के आस पास लगाया जाता है। त्वचा संबंधी रोग, लीवर और चमड़ी रोगों के लिए इसका प्रयोग किया जाता है।

गुड़हल- गुड़हल के फूल दिखने में बहुत ही खूबसूरत होते हैं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट की भरपूर मात्रा पाई जाती है। इससे शरीर का कोलेस्ट्राल लेवल ठीक रहता है। ये बालों और त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद फूल है ।

वॉयलेट्स– इन फूलों की खुशबु बहुत ही आकर्षक होती है। इनमें मौजूद पोटेशियम रक्त संचरण को बेहतर बनाने में फायदेमंद होती है।

फूल वैसे तो प्राकृतिक होते हैं। लेकिन किसी भी फूल का प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक की सलाह जरूर ले लें। बिना सही जानकारी के फूलों का प्रयोग न करें। बहुत से ऐसे फूल होते हैं जो सेहत के लिए अच्छे नहीं होते हैं और उनका प्रयोग करना कभी कभी हानिकारक हो सकता है। इसलिए सलाह-मशविरा करना बहुत ही आवश्यक है।।