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राजस्थान में किसकी किस्मत खुलगी कमल या हाथ

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राजस्थान में वसुंधरा राजे का राज रहेगा या जाएगा इसका फैसला 11 दिसंबर को होगा, लेकिन उससे पहले जनता के मूड को समझने के लिए आजतक राजस्थान में बाइक सवारी का फैसला किया. आजतक संवाददाता प्रीति चौधरी बाइक से आपको शेखावटी से नागौर और नागौर से जोधपुर लेकर जाएंगी. नेताओं और वोटरों से बात करेंगी और उन्हीं की जुबानी सुनाएंगी कि राजस्थान(rajasthan) में किसकी हवा है

केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ राजस्थान(rajasthan) की जयपुर ग्रामीण से सांसद हैं. राजस्थान व‍िधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत का दावा करते हुए राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस ने राजस्थान की जीत के ज‍ितने भी सर्वे क‍िए वे 4 महीने पहले के हैं. प‍िछले 1 महीने में सारी हवा बदल चुकी है. देखिए राजस्थान चुनाव पर राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से सीधी बात

राजस्थान विधानसभा चुनाव (rajasthan election 2018) में झालावाड़ जिले की झालरापाटन सीट पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की पारंपरिक सीट खतरे में पड़ती नजर आ रही है। न्यूज एजेंसी वार्ता के अनुसार, झालरापाटन विधानसभा क्षेत्र के कलमंडी पंचायत के स्थानीय लोगों ने कहा कि वसुंधरा राजे जब 2003 में झालरापाटन विधानसभा से चुनाव लड़ी थी तब इस पंचायत से एक भी वोट किसी विपक्षी दल को नहीं मिला था लेकिन इस बार हालात अलग है। स्थानीय लोगों ने कहा कि पहले कभी प्रचार के लिए नहीं आते थे लेकिन इस बार वसुंधरा के बेटे, बेटी और बहू गली-गली घूमकर वोट मांग रहे है। भाजपा के अलावा वसुंधरा परिवार के लोग पहली बार जिस तरह से झालरापाटन में प्रचार में जुटे हैं उससे लग रहा है कि मुख्यमंत्री को आसान जीत नहीं मिलने वाली है।

वार्ता के अनुसार, झालावाड़ वसुंधरा राजे का गढ़ है। इसी लोकसभा इलाके में झालरापाटन सीट है। राजे इस लोकसभा सीट से लगातार पांच बार सांसद रही हैं और उनके बाद इस सीट से उनके पुत्र दुष्यंत सिंह तीन बार से चुनाव जीत रहे हैं। वसुंधरा राजे झालरापाटन सीट से लगातार 2003 से विधायक का चुनाव जीतती आ रही हैं। उनके विजय रथ को रोकने के लिए कांग्रेस कई प्रयोग कर चुकी है, यहां तक कि प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट की मां रमा पायलट भी उनके खिलाफ चुनाव लड़ चुकी हैं लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी है।

कांग्रेस ने पूर्व मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह को झालरापाटन से उम्मीदवार बनाकर मुकाबला रोचक बना दिया है। वसुंधरा सरकार से राजपूतों की नाराजगी का सीधा फायदा कांग्रेस को मिलता दिख रहा है। राजपूतों के विभिन्न संगठनों ने भाजपा के खिलाफ मतदान करने का ऐलान कर दिया है।कांग्रेस उम्मीदवार सिंह ने यूनीवार्ता से खास बातचीत में कहा है कि सरकार की नीतियों को लेकर राज्य के किसानों में जबरदस्त गुस्सा है। राज्य के किसानों को कांग्रेस से काफी उम्मीदें है। सरकार की गलत नीतियों के कारण लहसुन की फसल की बबार्दी हुई और इसमें घोटाला हुआ। लहसून ख़रीदारी के नाम पर किसानों का ठगा गया।

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