दैनिक जीवन

Healthcare and beauty

Winter’s में इन 6 सूप की मदद से ठंड को दे सकते हैं मात :- Health Tips

Follow on

Winter’s की ठंडी शुष्क हवाएं और वातावरण में मौजूद वायरस न केवल इम्यूनिटी पर असर डालते हैं, बल्कि सर्दी, जुकाम, वायरल जैसी संक्रामक बीमारियों के प्रति संवेदनशील भी बनाते हैं। इससे बचाव में गर्मागर्म सूप की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। यह सर्द मौसम की मार से तो बचाता ही है, पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है। सूप के फायदों के बारे में जानकारी :-

मेटाबॉलिज्म बढ़ाते हैं सूप :-

आहार विशेषज्ञों की मानें तो सर्दी के मौसम में सब्जियां व उनसे बने सूप बहुत फायदेमंद होते हैं। इनका सबसे बड़ा फायदा तो यह है कि सब्जियां खाने से कतराने वाले लोग भी सब्जियों के सूप बड़े चाव से पीते हैं। गर्म तासीर वाले सूप विटामिन, मिनरल, एंटी ऑक्सीडेंट्स, फ्लेवोनॉयड, फाइटोन्यूट्रीएंट्स जैसे तत्वों से समृद्ध होते हैं और बीमारियों से लड़ने के लिए इम्यून पावर और चयापचय क्षमता (मेटाबॉलिज्म) को बढ़ाते हैं। शरीर को डीटॉक्स व हाइड्रेट करने में मदद करते हैं और त्वचा को चमक प्रदान करते हैं। ठंड का सामना करने के लिए ऊर्जा का उत्पादन कर शरीर को मजबूत बनाते हैं। कम कैलोरी और कम वसा युक्त होने के कारण वजन के प्रति सचेत लोगों के लिए ये आदर्श एपिटाइजर हैं।

कौन-कौन से सूप


सर्दियों के मौसम में अपने आहार में विभिन्न तरह के सूप शामिल करना अच्छा रहता है। आमतौर पर सूप सब्जियों, दालों, नॉनवेज, हब्र्स के होते हैं। साथ ही सूप मिक्स करके भी बनाए जाते हैं, जैसे सूप की वेज ग्रेवी बना कर उसमें बेक्ड या स्टीम किए चिकन के पीस डाले जाते हैं या चिकन ग्रेवी में सब्जियों को भी मिलाया जाता है। इससे सूप का स्वाद बढ़ने के साथ उसकी पौष्टिकता भी बढ़ती है।

टोफू और मिसो कुलीन सूप :- 

यह सूप एनर्जी को बढ़ाता है और डायबिटीज के लिए भी अच्छा होता है। कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर को कम करता है। इसमें सलाद पत्ता, छोटे आकार में कटी सब्जियों और ऑरेंज जूस को मिलाया जाता है। कैलोरी में कम होने के कारण यह काफी ऊर्जा प्रदान करता है। पाचन शक्ति को अच्छा करता है और पौष्टिक तत्वों को अवशोषित करने में मदद करता है। यह एंटी ऑक्सीडेंट व एंटी वायरल भी होता है और इम्यूनिटी बढ़ाता है। साथ ही हृदय रोगों से भी बचाव करता है।

मशरूम सूप :-


सेलिनियम का अच्छा स्रोत होने के कारण मशरूम सूप शरीर को डीटॉक्स कर ब्लैडर के कैंसर को रोकने में मदद करता है। सेलिनियम नर्वस सिस्टम को कंट्रोल कर ब्लड प्रेशर के लेवल को बढ़ने नहीं देता। मिनरल सर्दियों में होने वाले मसल पेन व क्रैम्प्स को कम करते हैं। इसमें मौजूद फोलिक एसिड त्वचा को स्वस्थ बनाने में सहायक होता है और सफेद रक्त कोशिकाओं को बनाता है व इम्यून सिस्टम मजबूत करता है। सूप में मशरूम की तीन किस्में बहुत अच्छी हैं- रिशी, माइटेक, शिटेक। रोजमेरी, सेज, क्यूलिरी, ऑर्गेनो, पार्सले जैसी हब्र्स मिलाने से सूप सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। ये हब्र्स मस्तिष्क के लिए अच्छे होते हैं, याददाश्त बढ़ाते हैं। ब्लड-ब्रेन बैरियर के कारण ब्रेन सेल्स को डैमेज होने से बचाते हैं। इसमें कोकोन भी मिला सकते हैं, जो एंटीसेप्टिक का काम करता है और शरीर को बैक्टीरिया या फंगल इन्फेक्शन से बचाता है।

स्वीट कॉर्न सूप :-


न्यूट्रीएंट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स तत्वों से भरपूर यह सूप सर्दियों में होने वाली हार्ट आर्टरीज की ब्लॉकेज को खोलता है, हाइपर टेंशन को कम कर साइलेंट हार्ट अटैक के खतरे को 10 प्रतिशत कम करता है। फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मददगार होता है, सर्दियों में होने वाली सांस संबंधी समस्याओं को 10 प्रतिशत कम करता है। मस्तिष्क की नसों को खोलता है, जिससे स्ट्रेस कम होता है और ब्रेन स्ट्रोक के खतरे को रोकता है। इसमें मौजूद बीटा कैरोटीन सर्दियों में होने वाले स्मॉग व प्रदूषण से आंखों की रक्षा करता है।

टमाटर या टोमैटो सूप :- 


विटामिन-सी और ए से भरपूर टमाटर बैड कोलेस्ट्रॉल को कम कर हार्ट आर्टिरीज में होने वाली ब्लॉकेज को दूर करता है। सर्दियों में होने वाली सांस संबंधी बीमारियों से बचाता है। शरीर के स्किन टिशूज में होने वाले डैमेज या ड्राईनेस को निष्प्रभावी करके उन्हें मॉइस्चराइज करता है और झुर्रियों से बचाता है। टमाटर में मौजूद लाइकोपीन शरीर के फैट को गलाने में मदद करता है। कैनोवा या ऑलिव ऑयल के साथ बनाया गया टमाटर सूप वजन कम करने में भी सहायक होता है। इसमें मौजूद सेलिनियम एनिमिया या खून की कमी को दूर करता है व रक्त संचार को बढ़ाता है। इसमें मौजूद कैरोटोनॉयड जैसे एंटीऑक्सीडेंट कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकते है।

मटर का सूप :-


फाइबर से भरपूर मटर सूप में मौजूद पोटेशियम हमारी बंद नसों को खोल ब्लड सर्कुलेशन बनाए रखने में मदद करता है, जिससे यह ब्लडप्रेशर, हृदय रोगों में फायदेमंद है। इसमें मौजूद विटामिन-के चोट लगने पर बहने वाले खून को जमाने में सहायक होता है, इसलिए डायबिटीजके मरीजों के लिए उपयोगी है। विटामिन-के हड्डियों को मजबूत बनाता है। एंटी इन्फ्लेमेटरी तत्वों के कारण आथ्र्राइटिस और अल्जाइमर के मरीजों के लिए भी अच्छा है। फाइबर-प्रोटीन से भरपूर मटर सूप से देर तक पेट भरा रहता है। इसमें सीसम ऑयल मिलाकर पीने से ठंड में होने वाली सूजन व दर्द में आराम मिलता है। इस मौसम में होने वाली स्किन ड्राईनेस को कम करने में लाभकारी है। थकान मिटाने में मदद करता है और खिलाड़ियों के लिए बहुत फायदेमंद है।

प्रोटीन सूप :- 


राजमा, चना, छोले से बना यह प्रोटीन सूप तासीर में गर्म होने से सर्दियों में फायदेमंद है। यह इम्यून सिस्टम को बढ़ाता है और सर्दियों में होने वाले इन्फेक्शन से बचाता है। एंटीऑक्सीडेंट्स, फाइबर, प्रोटीन व अन्य पोषक तत्वों से भरपूर ये सूप ऊर्जा देता है और  थकावट को कम करता है। एनीमिया के मरीजों के लिए लाभकारी है। कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रख दिल की समस्याओं को दूर रखने में सहायक होता है। इसमें मौजूद इस्ट्रोजेनिक इफेक्ट कैंसर को रोकने में मदद करते हैं। सर्दियों में बाय या गठिया दर्द में आराम दिलाता है। गैस, यूरिक एसिड को भी कम करता है।

कितना लें सूप :-
हर उम्र के लोगों के लिए सूप का सेवन करना फायदेमंद है। खासकर बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए सूप बहुत बेहतर है, क्योंकि उन्हें खाना चबाने और पचाने में दिक्कत हो सकती है। सूप से उनके शरीर में पौष्टिक तत्वों की भरपाई आसानी से हो सकती है। सब्जी-दाल खाने में ना-नुकर करने वाले बच्चों के लिए तो सूप आदर्श हैं। पांच साल से छोटे बच्चों के लिए तो रोजाना 50 मि.ली. सूप लेना बेहतर होता है।

कब पीना बेहतर :-
आहार विशेषज्ञों के हिसाब से खाली पेट सूप पीने से यह शरीर में जल्दी अवशोषित हो जाता है। इसलिए आमतौर पर सूप खाना खाने से पहले पिया जाता है। सूप पीने का सबसे अच्छा समय शाम का ब्रंच टाइम यानी 6 से 7 बजे के बीच है। यानी डिनर से करीब एक या डेढ़ घंटे पहले सूप पीना चाहिए। सर्दियों में शाम होते-होते गर्म चीजें ज्यादा खानी चाहिए। इनमें आप सूप को शामिल कर सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *