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अमृतसर में दशहरा कार्यक्रम में भगदड़, रेल ट्रैक हादसा 60 मरे

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अमृतसर [जेएनएन]। दशहरा पर गुरुनगरी अमृतसर में बेहद दर्दनाक हादसा हो गया और दो ट्रेनों की चपेट में आने से 60 से अधिक लोग मारे गए। करीब 150 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मारे गए लोगों में बच्‍चे और महिलाएं भी शामिल हैं। यहां जोडा रेलवे फाटक के पास आयोजित दशहरा कार्यक्रम के दौरान रावण का जलता हुआ पुतला नीचे गिरने लगा। इससे वहां भगदड़ मच गई आैर लोग बचने के लिए पीछे रेलवे लाइन की ओर भागे। इसी दौरान लोग अमृतसर-हावड़ा मेल की चपेट में आ गए। घटनास्थल पर चीख पुकार मच गई। जब तक लोग संभलते साथ लगते ट्रैक पर भी तेज रफ्तार जालंधर-अमृतसर डीएमयू आ गई और इसे कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।

पीएम मोदी व सीएम अमरिंदर ने सहायता राशियों का ऐलान किया

देर रात अमृतसर के सिविल अस्‍पताल मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारी ने कहा कि हादसे में 60 मारे गए हैं और 51 घायल हैं। मुख्‍समंत्री कैपटन अमरिंदर सिंह न हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हादसे मेें मारे गए लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया।

हादसे के बाद वहां कोहराम और चीख-पुकार मच गई। घटनास्‍थल का दृश्‍य बेहद मर्माहत व‍ दिल को दहला देने वाला  था। हादसे के शिकार हुए लोगों में किसी का सिर धड़ से अलग हाे गया तो किसी के हाथ-पैर कट गए। रेलवे ट्रैक पर लाशें बिखरी पड़ी थीं। घायलों को सिविल अस्‍पताल व अन्‍य अस्‍पतालों में दाखिल कराया गया है।

इस बीच, पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हादसे पर दुख जताया है। उधर, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अपना इजराइल दौरा रद करते हुए दिल्ली से कल सुबह अमृतसर पहुंचेंगे। कैप्टन के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने कहा कि मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये की सहायता देने का एलान किया गया है। रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कहा कि वह स्वयं मौके पर जा रहे हैं। वह मौके पर जाने के बाद ही हादसे के बारे में ज्यादा कुछ बता पाएंगे।

रावण के पुतले से चिंगारियां निकलने के कारण वहां अफरातफरी मच गई। जलते पुतले से बचने के लिए लोगों में भगदड़ मच गई। लोग बचने के लिए रेलवे ट्रैक की तरफ भागे, लेकिन इसी दौरान सामने से एक ट्रेन आ गई। लोग कुछ कर पाते उससे पहले ही पटरी पर चढ़े लोगाें काे रौंदती हुई ट्रेन आगे निकल गई। इसके बाद तो वहां कोहराम मच गया। पटरी और इसके आसपास क्षत-विक्षत शव पड़े थे।किसी का सिर कट धड़ से अलग हो गया था तो किसी के हाथ और किसी का पैर शरीर से अलग हो गया था। इसके बाद चारों तरफ चीख-पुकार और कोहराम मच गया।

अस्पताल के बाहर विलाप करते मृतक व घायलों के परिजन।

हादसे में 60 से अधिक लोगाें की मौत हुई है। यह संख्‍या बढ़ सकती है। सैकड़ों लोग घायल हुए हैं और उनको विभिन्‍न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटनास्‍थल और अस्‍पतालों में मारे गए लोगों और घायलाें के परिजनों की चीख-पुकार दिल का दहला रही है। हादसे के बाद लोग अपनों की तलाशी में जुट गए। मरने वालों में कई बच्चे व महिलाएं भी शामिल हैं। प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और राहत व बचाव का कार्य शुरू कर दिया गया

हादसे के बाद मौके पर करुण क्रंदन मच गया। लोग अपनों की सुरक्षित तलाशी में जुट गए। हादसे में मरने वालों में कई बच्चे व महिलाएं भी शामिल हैं। प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच चुके हैं।

अभी कुल कितने लोगों की मौत हुई है इसका पता नहीं चल पाया है। हालांकि पुलिस ने 50-60 से अधिक लोगों के मरने की आशंका जताई है। प्रशासनिक अमला राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

रेलवे की पीआरओ का कहना है कि रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा व रेलवे बोर्ड के चेयरमैन भी घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। रेलवे रिलीफ ट्रेन भी मौके पर पहुंच चुकी है। रेलवे का कहना है कि हादसे के वक्त फाटक बंद था। हादसा फाटक से कुछ दूरी पर हुआ है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रेलवे ट्रेक के इर्द-गिर्द लोगों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। रावण दहन के साथ ही ट्रेन आ गई, लेकिन हल्ले के कारण लोगों को ट्रेन की आवाज नहीं सुनाई दी। भगदड़ में लोग ट्रेक की ओर भाग गए जिससे हादसा हुआ। लोगों ने ट्रेक के निकट एेसे कार्यक्रम करने पर रोष जताया।

घायलों के इलाज के लिए जालंधर, गुरदासपुर, तरतारन से डॉक्टरों की टीमें भेजी

अमृतसर में हुए रेल हादसे में घायलों का इलाज करने के लिए सेहत विभाग ने हाई अलर्ट कर दिया है। सिविल अस्पताल जालंधर से भी टीमें रवाना की गई हैं। सेहत विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी ने आसपास वाले जिलों जालंधर, गुरदासपुर, तरनतारन आदि से एंबुलेंस व डाक्टरों की टीमों को अमृतसर पहुंचने के आदेश जारी किए हैं।

ड्राइवर को हादसे का फगवाड़ा में चला पता

अमृतसर-हावड़ा ट्रेन के ड्राइवर को करीब डेढ़ घंटे बाद फगवाड़ा पहुंचने पर हादसे की जानकारी मिली। रेलवे अधिकारियों से हादसे के बारे में पता चलने पर ड्राइवर व गार्ड परेशान हो गए। जैसे ही ट्रेन लुधियाना रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो रेलवे अधिकारियों ने गार्ड और ड्राइवर को उतारकर जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने ट्रेन की तकनीकी जांच कर  दूसरे स्टाफ के साथ रवाना कर दिया। रेलवे अधिकारियों के सामने ड्राइवर अपनी सफाई देता रहा। उसका कहना था कि जब ट्रेन वहां से निकली तो उस समय ट्रैक साफ था और उसकी ट्रेन से कोई हादसा नहीं हुआ। रेलवे अधिकारियों ने ड्राइवर से गहन पूछताछ शुरू कर दी।

 

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