धर्म-संस्कृति

संस्कृति में जीवन का मूलाधार धर्म है। यह भी कह सकते हैं कि धर्म संस्कृति का प्राण है। धर्म संस्कृति एक ऐसा व्यापक शब्द है जो समाज का इतिहास और जीवन की भूमिका प्रस्तुत करने में पूरी तरह समर संस्कृति में जीवन का मूलाधार धर्म है।

अत: मनुष्य से जुड़े सभी कर्म धर्म संस्कृति से समाहित हैं।